Counsellor | Writer | Poet | Lyricist | Composer | Singer.
JMFA 2017 Winner of the best lyricist.
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ये मनुष्य तय नहीं करता
प्रायः देखा गया है कि जीवन कैसे जीना है, ये मनुष्य तय नहीं करता। ये तय करता है वो समाज, जिसमें मनुष्य जन्म लेता है। ~ मनीष शर्मा
अब इज़्ज़त सिर्फ़ उसी को दूँगा
थक चुका हूँ मैं, बेक़दरों का लिहाज़ रखते रखते अब इज़्ज़त सिर्फ़ उसी को दूँगा, जो लायक़ होगा ~ मनीष शर्मा
समाज को व्यक्ति के बारे में
समाज को व्यक्ति के बारे में आधी जानकारी होती है और उसी आधी जानकारी में ख़ुद की आधी राय जोड़ते हुए पूरी राय गढ़ लेता है समाज। बस, इसी तरह अधिकतर व्यक्तियों का चरित्र चित्रण करता है समाज। ~ मनीष शर्मा
ना तू किसी से कम
है जिगरे में दमना तू किसी से कमतू आसमाँनिचोड़ के दिखा लकीरों पे तूभरोसा ना करतू राह अपनीख़ुद बना ~ मनीष शर्मा Youtube Link : Mauritius Dance Idol | Official Theme Song Clip (youtube.com)
विस्तीर्ण सोच
विस्तीर्ण सोच रखने वाली स्त्री के प्रेम में पड़ना समंदर की असीम गहराइयों में उतरने के समान है। बहुत ही कम पुरुष समंदर की इन गहराइयों के भीतर उतर पाते हैं। ~ मनीष शर्मा
इतना भी क़रीब नहीं आना है तुम्हारे
इतना भी क़रीब नहीं आना है तुम्हारेकि दूर जाने से बहुत तकलीफ़ होइतना भी दूर नहीं जाना है तुमसेकि क़रीब आने पे बहुत तकलीफ़ हो ~ मनीष शर्मा

