Counsellor | Writer | Poet | Lyricist | Composer | Singer.
JMFA 2017 Winner of the best lyricist.
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इश्क़ करें या करें पढ़ाई
इश्क़ करें या करें पढ़ाई, युवाओं का बस यही सवाल हैपढ़ के ही इश्क़ लुत्फ़ देगा, बिन पढ़ाई ज़िंदगी ख़राब है ~ मनीष शर्मा
परवरिश का परिचायक है
व्यक्ति का व्यक्तित्व उसके संस्कार और परवरिश का परिचायक है। ~ मनीष शर्मा
किताबों से रूबरू करवाकर नेक इंसान बना दो उन्हें
किताबों से रूबरू करवाकर नेक इंसान बना दो उन्हें जो कचरे के बेतहाशा ढेरों में अपने भविष्य को ढूँढ रहे हैं ~ मनीष शर्मा
एक मुदर्रिस ना मिला होता
एक मुदर्रिस ना मिला होता गर हमें ज़िंदगी में हरगिज़ अक़्ल से वाकिफ़ ना हो पाते हम, तुम ~ मनीष शर्मा
उम्र तमाम हुए जा रही है
हर राह पर भटकते हुएसुबह से शाम हुए जा रही हैबेहतरीन की तलाश मेंउम्र तमाम हुए जा रही है ~ मनीष शर्मा
मिले किताबों में
ताउम्र जिन्हें मैं ढूँढता रहा ज़माने में वे सभी मुझे, छपे मिले किताबों में ~ मनीष शर्मा

