Counsellor | Writer | Poet | Lyricist | Composer | Singer.
JMFA 2017 Winner of the best lyricist.
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जैसा बर्ताव तुम अपने लिए चाहते हो
जैसा बर्ताव, तुम अपने लिए चाहते हो मुझसे मैं चाहता हूँ वैसा ही बर्ताव, किया करो मुझसे ~ मनीष शर्मा
तुम मेरे बारे में बुरा कहो
तुम मेरे बारे में बुरा कहो, बहुत बुरा कहो एक दिन मैं अच्छा, बहुत अच्छा होता चला जाऊँगा ~ मनीष शर्मा
अपना ख़ुदा कर लिया है
जब से तुमने नज़रें फेरी तब से ख़ुद को नज़रबंद कर लिया है मस्ज़िद का ख़ुदा रूठे तो रूठे अब तुम्हें अपना ख़ुदा कर लिया है ~ मनीष शर्मा
मेरा लम्हों का इंतज़ार
मेरा लम्हों का इंतज़ार, बरसों में तब्दील हुआ तुम्हारा वो एक वादा, तुम जाना नहीं मैं कुछ ही देर में लौट के आती हूँ ~ मनीष शर्मा
मेरे दामन पर
मेरे दामन पर वही आदमी कीचड़ फेंके जिसका ख़ुद का दामन दूध से धुला हो ~ मनीष शर्मा
बटोहिया
बटोहिया उबड़ खाबड़ हो भले डगरियारात हो स्याह या उष्ण दुपहरियाहो के चिंतामुक्त बैठो बैलगाड़ी मेंसखी सखा हम तुम्हारे बटोहिया। ~ मनीष शर्मा
